दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। शुक्रवार को CJP नेताओं ने सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर अपनी मांगें लिखित रूप में सामने रखीं।
दिल्ली के वीपी हाउस में हुई बैठक के दौरान CJP नेताओं ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह को पांच पैराग्राफ में अपनी मांगें सौंपीं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करना, NEET पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा और भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करना शामिल है।
बैठक के बाद सरकार की ओर से दो मांगों पर सहमति जताए जाने की बात सामने आई है। वहीं, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कल फिर से बैठक होगी। हालांकि, CJP नेता अपनी प्रमुख मांगों को लेकर अभी भी अड़े हुए हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी ने आज पूरे देश में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। पार्टी ने अपने अभियान का नारा ‘हर जिला, एक दिन, एक मांग’ रखा है और लोगों से बड़ी संख्या में इसमें शामिल होने की अपील की है।
CJP की ओर से जारी पोस्टर में कहा गया है कि यह प्रदर्शन छात्रों की मांगों के समर्थन और हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान कथित पुलिस बर्बरता के पीड़ितों के साथ एकजुटता जताने के लिए किया जा रहा है। पार्टी ने छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों से मिलकर प्रदर्शन आयोजित करने और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने की अपील की है।
हालांकि, सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने और सरकार की ओर से प्रस्ताव दिए जाने के बावजूद कॉकरोच जनता पार्टी का विरोध प्रदर्शन जारी है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता, तब तक उसका विरोध जारी रहेगा।

