नई दिल्ली: NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों के बीच बढ़ते आक्रोश के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। शुक्रवार, 25 जुलाई 2026 को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के कुछ घंटे बाद ही प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दिए जाने का ऐलान किया गया।

प्रह्लाद जोशी को ऐसे समय में शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली है, जब देश में पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों और युवाओं में नाराजगी है। सरकार की ओर से शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रणाली में बदलाव की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसे में शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभालना प्रह्लाद जोशी के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

फिलहाल प्रह्लाद जोशी के पास उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी है।

प्रह्लाद जोशी कितने पढ़े-लिखे हैं?

देश की शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले प्रह्लाद जोशी की शैक्षणिक योग्यता को लेकर भी लोगों की दिलचस्पी है। प्रह्लाद जोशी का जन्म कर्नाटक के बीजापुर में हुआ था। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई हुबली में पूरी की। उन्होंने शुरुआत में रेलवे स्कूल में पढ़ाई की और इसके बाद न्यू इंग्लिश स्कूल से अपनी सेकेंडरी शिक्षा पूरी की।

प्रह्लाद जोशी ने हुबली के श्री कडासिद्धेश्वर आर्ट्स कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। उन्होंने आर्ट्स में बैचलर डिग्री हासिल की। राजनीति में पूरी तरह सक्रिय होने से पहले वह बिजनेस से भी जुड़े हुए थे।

RSS के जरिए राजनीति में रखा कदम

प्रह्लाद जोशी का राजनीति में प्रवेश राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा से प्रभावित होकर हुआ। कॉलेज के दिनों से ही वह छात्र गतिविधियों और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे। बाद में वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े और संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।

उन्होंने धारवाड़ जिले और कर्नाटक भाजपा में कई संगठनात्मक पदों पर काम किया। संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने के बाद वह कर्नाटक भाजपा के एक प्रमुख नेता के रूप में उभरे।

2004 में पहली बार बने सांसद

प्रह्लाद जोशी ने वर्ष 2004 में कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर पहली बार संसद में प्रवेश किया। इसके बाद से वह लगातार धारवाड़ सीट से लोकसभा चुनाव जीतते आ रहे हैं।

अपने राजनीतिक करियर के दौरान उन्होंने पार्टी संगठन के साथ-साथ केंद्र सरकार में भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। वर्ष 2019 से 2024 तक उन्होंने संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्रालयों के केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य किया।

2024 के लोकसभा चुनाव के बाद उन्हें उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालयों की जिम्मेदारी सौंपी गई।

शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने पर क्या बोले प्रह्लाद जोशी?

शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद प्रह्लाद जोशी ने कहा कि उन्होंने यह जिम्मेदारी “कर्तव्य और विनम्रता की भावना” के साथ स्वीकार की है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में वह अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करेंगे और भारत की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में कार्य करेंगे।

अब शिक्षा मंत्रालय के सामने पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में सुधार, छात्रों का भरोसा बहाल करने और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने जैसी कई बड़ी चुनौतियां हैं। ऐसे में प्रह्लाद जोशी के सामने इस अतिरिक्त जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभाने की बड़ी चुनौती होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *