बांकीपुर में बीजेपी का 31 साल पुराना किला ढहा, प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत

बिहार उपचुनाव में सबसे बड़ा उलटफेर, जन सुराज को मिली बड़ी सफलता


बिहार की सबसे चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) ने भाजपा के मजबूत गढ़ में जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार को 19 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराया।


पहली बार चुनाव लड़े, पहली बार बने विधायक


यह प्रशांत किशोर की पहली चुनावी जीत है। उन्हें 64 हजार से अधिक वोट मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार करीब 44 हजार वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहे। वहीं, राजद की रेखा कुमारी को लगभग 14 हजार वोट मिले। मतगणना के हर राउंड में प्रशांत किशोर बढ़त बनाए रहे और भाजपा को वापसी का मौका नहीं दिया।


31 वर्षों बाद टूटा बीजेपी का विजय अभियान


बांकीपुर सीट पर 1995 से लगातार भाजपा का कब्जा था। इस बार भी पार्टी को जीत की उम्मीद थी, लेकिन मतदाताओं ने अलग फैसला सुनाया। यह सीट भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई थी, जिसके कारण उपचुनाव कराया गया।


जीत के बाद विकास का भरोसा


जीत के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता के विश्वास पर खरा उतरना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले कुछ महीनों में बांकीपुर में बदलाव की शुरुआत दिखाई देगी। उन्होंने कहा कि केवल विधायक बनने से रातों-रात चमत्कार नहीं होगा, लेकिन विकास की दिशा में ठोस कदम जरूर उठाए जाएंगे।


बीजेपी को दिया राजनीतिक संदेश


प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर का जनादेश केवल एक सीट का नतीजा नहीं, बल्कि भाजपा नेतृत्व के लिए भी स्पष्ट संदेश है। उनके अनुसार, बिहार की जनता राज्य के लिए एक बेहतर और विकासोन्मुख नेतृत्व चाहती है। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने नेतृत्व को लेकर जो भी फैसला करे, वह उसका आंतरिक विषय है, लेकिन राज्य को ईमानदार और सक्षम नेतृत्व की जरूरत है।


मतदान प्रतिशत रहा कम
बांकीपुर उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान हुआ था। इस बार 34.30 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में लगभग 7 प्रतिशत कम रहा।

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