19 Sep 2026, 05:46 PM

पेट दर्द को नजरअंदाज न करें! गॉल ब्लैडर में पथरी बन सकती है वजह, जानें लक्षण और इलाज

गॉल ब्लैडर यानी पित्ताशय की पथरी (Gallstones) पाचन तंत्र से जुड़ी एक आम समस्या है। कई लोगों में पथरी होने के बावजूद लंबे समय तक कोई लक्षण नहीं दिखाई देता और इसका पता किसी दूसरे कारण से कराए गए अल्ट्रासाउंड के दौरान चलता है। लेकिन जब पथरी पित्त की नली को ब्लॉक करती है, तो तेज दर्द के साथ संक्रमण, पीलिया, पित्ताशय में सूजन और कभी-कभी अग्न्याशय (Pancreas) में सूजन जैसी गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं।
क्या होता है गॉल ब्लैडर?
गॉल ब्लैडर लिवर के नीचे मौजूद एक छोटा, थैलीनुमा अंग है। लिवर द्वारा बनाए गए बाइल यानी पित्त को यह कुछ समय के लिए जमा करके रखता है। खाना खाने के बाद यही पित्त आंतों में पहुंचता है और खासकर वसा के पाचन में मदद करता है।
गॉल ब्लैडर में पथरी कैसे बनती है?
जब पित्त में मौजूद कोलेस्ट्रॉल, बिलीरुबिन और बाइल सॉल्ट्स का संतुलन बिगड़ता है या गॉल ब्लैडर पर्याप्त रूप से खाली नहीं हो पाता, तो छोटे क्रिस्टल बनने लगते हैं। समय के साथ यही क्रिस्टल पथरी का रूप ले सकते हैं।
पथरी मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है:
– कोलेस्ट्रॉल स्टोन — सबसे आम प्रकार
– पिगमेंट स्टोन — मुख्य रूप से बिलीरुबिन से बनने वाली पथरी
कुछ पथरियों में दोनों प्रकार के पदार्थों का मिश्रण भी पाया जाता है।
किन लोगों में बढ़ सकता है खतरा?
गॉल ब्लैडर की पथरी का खतरा कई कारणों से बढ़ सकता है, जिनमें प्रमुख हैं:
– मोटापा या अधिक वजन
– 40 वर्ष से अधिक उम्र
– महिलाओं में अधिक जोखिम
– परिवार में पथरी का इतिहास
– डायबिटीज
– बहुत तेजी से वजन कम होना
– लंबे समय तक बहुत कम खाना या अत्यधिक कैलोरी प्रतिबंध
– अधिक वसा और कम फाइबर वाला खान-पान
– कुछ लिवर या रक्त संबंधी बीमारियां
तेजी से वजन घटाने से भी पथरी बनने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए वजन कम करते समय धीरे-धीरे और संतुलित तरीके से वजन घटाना बेहतर माना जाता है।
गॉल ब्लैडर की पथरी के लक्षण क्या हैं?
कई लोगों में कोई लक्षण नहीं होता। ऐसी पथरी को Silent Gallstones कहा जाता है और सामान्य स्थिति में इनके लिए तुरंत इलाज की जरूरत नहीं होती।
जब पथरी पित्त की नली को ब्लॉक करती है, तो ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं:
– पेट के ऊपरी हिस्से या दाहिनी तरफ तेज दर्द
– दर्द का पीठ या कंधे तक पहुंचना
– दर्द कई घंटों तक रहना
– खाने, खासकर भारी या वसायुक्त भोजन के बाद दर्द
– मतली और उल्टी
– पेट में असहजता
बार-बार होने वाला ऐसा दर्द डॉक्टर से जांच कराने का संकेत है।
ये लक्षण दिखें तो तुरंत अस्पताल जाएं
अगर गॉल ब्लैडर की पथरी के साथ इनमें से कोई लक्षण दिखाई दे, तो इसे सामान्य पेट दर्द समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:
तेज और लगातार पेट दर्द, बुखार या कंपकंपी, त्वचा या आंखों का पीला पड़ना, पेशाब का गहरा रंग, मल का रंग बहुत हल्का होना या लगातार उल्टियां।
ये पित्त की नली में रुकावट, गॉल ब्लैडर के संक्रमण/सूजन या अग्न्याशय में सूजन जैसी गंभीर समस्या के संकेत हो सकते हैं।
जांच कैसे होती है?
गॉल ब्लैडर की पथरी का पता लगाने के लिए डॉक्टर मरीज के लक्षणों और जांच के आधार पर कई टेस्ट करा सकते हैं।
अल्ट्रासाउंड: गॉल ब्लैडर की पथरी देखने के लिए यह सबसे उपयोगी शुरुआती जांचों में से एक है।
ब्लड टेस्ट: संक्रमण या सूजन तथा लिवर और पित्त की नलियों से जुड़ी समस्या के संकेत देखने के लिए किए जाते हैं।
MRCP या अन्य इमेजिंग: अगर पित्त की नली में पथरी होने का संदेह हो तो डॉक्टर अतिरिक्त इमेजिंग की सलाह दे सकते हैं।
ERCP: कुछ मामलों में पित्त की मुख्य नली में फंसी पथरी को निकालने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है।
क्या हर गॉल ब्लैडर स्टोन में ऑपरेशन जरूरी है?
नहीं।
अगर पथरी है लेकिन कोई लक्षण नहीं है और वह पित्त की नली में रुकावट पैदा नहीं कर रही है, तो आमतौर पर तुरंत सर्जरी की जरूरत नहीं होती। डॉक्टर की सलाह और निगरानी पर्याप्त हो सकती है।
लेकिन बार-बार दर्द, पथरी से होने वाली जटिलता या पित्त की नली में पथरी होने पर इलाज की जरूरत पड़ सकती है।
सबसे सामान्य इलाज क्या है?
लक्षण पैदा करने वाली गॉल ब्लैडर की पथरी का मुख्य इलाज कोलेसिस्टेक्टॉमी (Cholecystectomy) यानी गॉल ब्लैडर को सर्जरी के जरिए निकालना है।
आजकल कई मामलों में लैप्रोस्कोपिक सर्जरी की जाती है, जिसमें छोटे चीरे लगाए जाते हैं। गॉल ब्लैडर शरीर के लिए अनिवार्य अंग नहीं है और इसे निकालने के बाद भी व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है।
अगर पथरी मुख्य पित्त नली में फंसी हो, तो कुछ मामलों में पहले ERCP के जरिए उसे निकाला जाता है।
क्या दवा से पथरी खत्म हो सकती है?
कुछ चुनिंदा मरीजों में, खास परिस्थितियों में, कोलेस्ट्रॉल वाली छोटी पथरी के लिए दवाओं से उसे घोलने की कोशिश की जा सकती है। लेकिन यह इलाज हर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं होता और पथरी दोबारा बन सकती है। इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना दवा लेकर पथरी का इलाज करना सही नहीं है।
पथरी से बचाव के लिए क्या करें?
गॉल ब्लैडर की पथरी को हमेशा पूरी तरह रोकना संभव नहीं है, लेकिन जोखिम कम करने के लिए:
– वजन को स्वस्थ सीमा में रखें
– वजन तेजी से कम करने से बचें
– नियमित शारीरिक गतिविधि करें
– फाइबर से भरपूर संतुलित भोजन लें
– अत्यधिक वसा, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और ज्यादा चीनी वाले भोजन को सीमित करें
– वजन घटाना हो तो डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह से धीरे-धीरे वजन कम करें
सबसे जरूरी बात
गॉल ब्लैडर में पथरी होना हमेशा इमरजेंसी नहीं है, लेकिन तेज और लगातार पेट दर्द, बुखार, उल्टी या पीलिया जैसे लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
अगर अल्ट्रासाउंड में पथरी मिली है, तो उसके आकार से ज्यादा महत्वपूर्ण यह देखना है कि क्या वह लक्षण पैदा कर रही है या पित्त की नली में रुकावट पैदा कर रही है। इलाज का फैसला डॉक्टर मरीज की स्थिति, लक्षण और जांच रिपोर्ट के आधार पर करते हैं।
नोट: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। पेट दर्द या गॉल ब्लैडर स्टोन के लक्षण होने पर डॉक्टर से जांच और व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह लेना जरूरी है।

