19 Sep 2026, 05:45 PM

रूस का बड़ा कदम: टेलीग्राम संस्थापक पावेल डुरोव पर एफएसबी का शिकंजा, अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट जारी
रूस की संघीय सुरक्षा एजेंसी (एफएसबी) ने टेलीग्राम के संस्थापक पावेल डुरोव के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उनके नाम अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट जारी करने का दावा किया है। एफएसबी का आरोप है कि टेलीग्राम ने ऐसे कंटेंट को हटाने में लापरवाही बरती, जिसका इस्तेमाल रूस के भीतर आतंकवादी गतिविधियों, तोड़फोड़ और साइबर अपराधों के लिए किया गया।
एजेंसी के मुताबिक, कुछ संगठनों और विदेशी एजेंसियों ने टेलीग्राम के जरिए कथित तौर पर हमलों की योजना बनाने, समन्वय स्थापित करने और साइबर धोखाधड़ी जैसी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया। एफएसबी का कहना है कि इस तरह की सामग्री को समय रहते हटाया नहीं गया।
फिलहाल इस पूरे मामले पर न तो पावेल डुरोव और न ही टेलीग्राम की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।
साल 2013 में लॉन्च हुआ टेलीग्राम आज दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म में शामिल है, जिसके 1 अरब से अधिक सक्रिय यूजर्स हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान यह प्लेटफॉर्म सूचना साझा करने का प्रमुख माध्यम बना रहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम रूस द्वारा डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। मॉस्को लंबे समय से टेलीग्राम के प्रभाव को सीमित करने की कोशिश करता रहा है और साथ ही अपने घरेलू मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Max को बढ़ावा दे रहा है।
रूस में जन्मे पावेल डुरोव अब संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और फ्रांस की नागरिकता रखते हैं। इससे पहले भी फ्रांस में उनके खिलाफ टेलीग्राम पर आपराधिक गतिविधियों को रोकने में कथित विफलता को लेकर जांच चल रही है। हालांकि डुरोव लगातार सभी आरोपों से इनकार करते आए हैं।



