ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। भारतीय वेटलिफ्टर राजा मुथुपंडी ने 26 साल की उम्र में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। उन्होंने कुल 286 किलोग्राम वजन उठाया, जिसमें स्नैच में 126 किलो और क्लीन एंड जर्क में 160 किलो शामिल रहा।
राजा मुथुपंडी ने स्नैच में अपने दूसरे प्रयास में 126 किलो की सफल लिफ्ट के साथ मजबूत शुरुआत की। इसके बाद क्लीन एंड जर्क में भी उन्होंने दूसरे प्रयास में 160 किलो वजन उठाकर कुल 286 किलो का स्कोर बनाया और पोडियम पर दूसरा स्थान हासिल किया।
मलेशिया के अजनील बिन बिदिन मोहम्मद ने 299 किलो के कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता। यह कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका लगातार तीसरा गोल्ड है। इससे पहले वह गोल्ड कोस्ट 2018 और बर्मिंघम 2022 में भी स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।
राजा मुथुपंडी का यह सिल्वर मेडल इसलिए भी खास है क्योंकि 2019 में कोहनी के लिगामेंट में गंभीर चोट के बाद उनका करियर लगभग खत्म माना जा रहा था। चोट के चलते वह बर्मिंघम 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी हिस्सा नहीं ले सके थे।
लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। कड़ी मेहनत और शानदार वापसी के बाद अब उन्होंने ग्लासगो में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीतकर साबित कर दिया कि चैंपियन वही होता है, जो मुश्किल वक्त के बाद भी वापसी करना जानता है।
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