19 Sep 2026, 05:46 PM

मुकेश अंबानी की कंपनी और बैंक ऑफ अमेरिका के बीच डील, निवेशक होंगे मालामाल
मुकेश अंबानी की और ने जियो क्रेडिट लिमिटेड में ज्वाइंट वेंचर बनाने के लिए बड़ा समझौता किया है। इस डील के तहत बैंक ऑफ अमेरिका करीब 1.9 अरब डॉलर यानी लगभग ₹18,268 करोड़ का निवेश कर जियो क्रेडिट में 49.9% तक हिस्सेदारी हासिल करेगा।
यह निवेश प्रेफरेंशियल शेयर और वारंट के जरिए किया जाएगा। समझौते के बाद जियो फाइनेंशियल सर्विसेज की डिजिटल पहुंच और भारतीय बाजार की समझ को बैंक ऑफ अमेरिका की वैश्विक वित्तीय विशेषज्ञता का साथ मिलेगा।
पहले चरण में 26.50% हिस्सेदारी खरीदेगा बोफा
बैंक ऑफ अमेरिका की सहायक कंपनी NB Holdings करीब ₹6,613 करोड़ के निवेश से 4.29 करोड़ इक्विटी शेयर खरीदेगी। इससे उसे जियो क्रेडिट में 26.50% हिस्सेदारी मिलेगी।
इसके बाद कंपनी करीब ₹11,655 करोड़ में 7.56 करोड़ वारंट की सदस्यता लेगी। इन वारंट को 18 महीने के भीतर इक्विटी शेयरों में बदला जा सकेगा। वारंट खरीदते समय 25% रकम और बाकी भुगतान शेयरों में कन्वर्जन के समय किया जाएगा।
वारंट के इक्विटी शेयरों में बदलने के बाद बैंक ऑफ अमेरिका की हिस्सेदारी बढ़कर 49.90% तक हो जाएगी।
दो साल में जियो क्रेडिट ने बनाया बड़ा कारोबार
करीब दो साल पहले शुरू हुई जियो क्रेडिट छोटे कारोबारियों और रिटेल ग्राहकों पर फोकस कर रही है। कंपनी हाउसिंग लोन समेत कई वित्तीय उत्पाद उपलब्ध करा रही है।
30 जून 2026 तक कंपनी की Assets Under Management (AUM) ₹30,667 करोड़ तक पहुंच चुकी थी। हालांकि, जियो क्रेडिट ने अभी तक अनसिक्योर्ड पर्सनल लोन और कंज्यूमर फाइनेंस जैसे क्षेत्रों में बड़े स्तर पर प्रवेश नहीं किया है।
जियो की ग्लोबल पार्टनरशिप रणनीति को बढ़ावा
बैंक ऑफ अमेरिका के साथ यह समझौता जियो की वित्तीय सेवाओं में वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी की रणनीति को और मजबूत करता है। इससे पहले जियो ने इंश्योरेंस कारोबार के लिए जर्मनी की Allianz और म्यूचुअल फंड कारोबार के लिए अमेरिकी कंपनी BlackRock के साथ साझेदारी की है।
भारत को लेकर बोफा का बड़ा भरोसा
मुकेश अंबानी ने कहा कि भारत के विकास के लिए बड़े पैमाने पर भरोसेमंद और समावेशी वित्तीय व्यवस्था जरूरी है। उनके मुताबिक, जियो और बैंक ऑफ अमेरिका की साझेदारी तकनीक और वैश्विक विशेषज्ञता के जरिए भारतीयों के लिए कर्ज को अधिक आसान और सुलभ बनाने में मदद करेगी।
वहीं, बैंक ऑफ अमेरिका के CEO Brian Moynihan ने भारत को दुनिया के महत्वपूर्ण ग्रोथ मार्केट्स में से एक बताया। उन्होंने कहा कि जियो क्रेडिट में निवेश भारत के भविष्य और यहां की आर्थिक संभावनाओं में बैंक के भरोसे को दर्शाता है।
यह डील भारतीय फाइनेंशियल सेक्टर में जियो की बढ़ती महत्वाकांक्षा और बैंक ऑफ अमेरिका की भारत में दीर्घकालिक दिलचस्पी, दोनों को दिखाती है।
भारत के फाइनेंशियल सेक्टर में जियो और बोफा की बड़ी साझेदारी
मुकेश अंबानी की और ने जियो क्रेडिट लिमिटेड में ज्वाइंट वेंचर बनाने के लिए बड़ा समझौता किया है। इस डील के तहत बैंक ऑफ अमेरिका करीब 1.9 अरब डॉलर यानी लगभग ₹18,268 करोड़ का निवेश कर जियो क्रेडिट में 49.9% तक हिस्सेदारी हासिल करेगा।
यह निवेश प्रेफरेंशियल शेयर और वारंट के जरिए किया जाएगा। समझौते के बाद जियो फाइनेंशियल सर्विसेज की डिजिटल पहुंच और भारतीय बाजार की समझ को बैंक ऑफ अमेरिका की वैश्विक वित्तीय विशेषज्ञता का साथ मिलेगा।
पहले चरण में 26.50% हिस्सेदारी खरीदेगा बोफा
बैंक ऑफ अमेरिका की सहायक कंपनी NB Holdings करीब ₹6,613 करोड़ के निवेश से 4.29 करोड़ इक्विटी शेयर खरीदेगी। इससे उसे जियो क्रेडिट में 26.50% हिस्सेदारी मिलेगी।
इसके बाद कंपनी करीब ₹11,655 करोड़ में 7.56 करोड़ वारंट की सदस्यता लेगी। इन वारंट को 18 महीने के भीतर इक्विटी शेयरों में बदला जा सकेगा। वारंट खरीदते समय 25% रकम और बाकी भुगतान शेयरों में कन्वर्जन के समय किया जाएगा।
वारंट के इक्विटी शेयरों में बदलने के बाद बैंक ऑफ अमेरिका की हिस्सेदारी बढ़कर 49.90% तक हो जाएगी।
दो साल में जियो क्रेडिट ने बनाया बड़ा कारोबार
करीब दो साल पहले शुरू हुई जियो क्रेडिट छोटे कारोबारियों और रिटेल ग्राहकों पर फोकस कर रही है। कंपनी हाउसिंग लोन समेत कई वित्तीय उत्पाद उपलब्ध करा रही है।
30 जून 2026 तक कंपनी की Assets Under Management (AUM) ₹30,667 करोड़ तक पहुंच चुकी थी। हालांकि, जियो क्रेडिट ने अभी तक अनसिक्योर्ड पर्सनल लोन और कंज्यूमर फाइनेंस जैसे क्षेत्रों में बड़े स्तर पर प्रवेश नहीं किया है।
जियो की ग्लोबल पार्टनरशिप रणनीति को बढ़ावा
बैंक ऑफ अमेरिका के साथ यह समझौता जियो की वित्तीय सेवाओं में वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी की रणनीति को और मजबूत करता है। इससे पहले जियो ने इंश्योरेंस कारोबार के लिए जर्मनी की Allianz और म्यूचुअल फंड कारोबार के लिए अमेरिकी कंपनी BlackRock के साथ साझेदारी की है।
भारत को लेकर बोफा का बड़ा भरोसा
मुकेश अंबानी ने कहा कि भारत के विकास के लिए बड़े पैमाने पर भरोसेमंद और समावेशी वित्तीय व्यवस्था जरूरी है। उनके मुताबिक, जियो और बैंक ऑफ अमेरिका की साझेदारी तकनीक और वैश्विक विशेषज्ञता के जरिए भारतीयों के लिए कर्ज को अधिक आसान और सुलभ बनाने में मदद करेगी।
वहीं, बैंक ऑफ अमेरिका के CEO Brian Moynihan ने भारत को दुनिया के महत्वपूर्ण ग्रोथ मार्केट्स में से एक बताया। उन्होंने कहा कि जियो क्रेडिट में निवेश भारत के भविष्य और यहां की आर्थिक संभावनाओं में बैंक के भरोसे को दर्शाता है।
यह डील भारतीय फाइनेंशियल सेक्टर में जियो की बढ़ती महत्वाकांक्षा और बैंक ऑफ अमेरिका की भारत में दीर्घकालिक दिलचस्पी, दोनों को दिखाती है।



