19 Sep 2026, 05:45 PM

नेपाल में भयानक फ्लैश फ्लड: 105 भारतीय पर्यटकों समेत 384 यात्री लापता, कई इलाकों में तबाही
नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार सुबह आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। भोटेकोशी नदी में आए तेज बहाव से कई घर, सड़कें, पुल और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, प्रभावित इलाकों से 384 यात्रियों के संपर्क में नहीं होने की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है, जिनमें 291 […]
नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार सुबह आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। भोटेकोशी नदी में आए तेज बहाव से कई घर, सड़कें, पुल और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, प्रभावित इलाकों से 384 यात्रियों के संपर्क में नहीं होने की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है, जिनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। विदेशी नागरिकों में 105 भारतीय बताए गए हैं।
तिब्बत की ओर से आया अचानक पानी का तेज बहाव
बाढ़ बुधवार सुबह करीब 9 बजे रसुवा के भोटेकोशी नदी क्षेत्र में आई। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक पानी तिब्बत की ओर से अचानक आया और देखते ही देखते रसुवा के टिमुरे, स्याफ्रुबेसी और आसपास के इलाकों में भारी तबाही मच गई। कई जगहों पर सड़कें और पुल बह गए, जबकि बाजार और रिहायशी इलाके भी प्रभावित हुए।
105 भारतीय नागरिक भी लापता सूची में
नेपाल पर्यटन बोर्ड की प्रारंभिक सूची के अनुसार, 384 यात्रियों का संपर्क प्रभावित इलाकों से टूट गया है। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक हैं। विदेशी नागरिकों में 105 भारतीय शामिल हैं। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका के नागरिक भी लापता सूची में शामिल हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह प्रारंभिक सूची है और संबंधित ट्रैवल एजेंसियों, गाइड, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर जानकारी का सत्यापन किया जा रहा है।
कई पुलिसकर्मी भी संपर्क से बाहर
बाढ़ की चपेट में सुरक्षा बलों के जवान भी आए हैं। रिपोर्टों के अनुसार रसुवा जिले में नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के कई जवानों का भी संपर्क नहीं हो पाया है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है।
सड़कें और पुल भी बहे
बाढ़ के तेज बहाव ने नेपाल-चीन सीमा से जुड़ी महत्वपूर्ण सड़क को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। नेपाल के सड़क विभाग के अनुसार, नुवाकोट के बेत्रावती से रसुवागढ़ी सीमा तक करीब 42 किलोमीटर सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुई है और कई कंक्रीट पुल बह गए हैं। इससे सीमा क्षेत्र तक आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट और बिजली ढांचे को नुकसान
बाढ़ के पानी से नेपाल के कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट और बिजली ट्रांसमिशन से जुड़ा बुनियादी ढांचा भी प्रभावित हुआ है। शुरुआती रिपोर्टों में छह बड़े हाइड्रोपावर और ट्रांसमिशन सुविधाओं को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
नेपाल में रेस्क्यू ऑपरेशन तेज
तबाही के बाद नेपाल सेना, नेपाल पुलिस और आर्म्ड पुलिस फोर्स को राहत एवं बचाव अभियान में लगाया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों और लापता यात्रियों का पता लगाने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। हालांकि कई इलाकों में सड़क और संचार व्यवस्था प्रभावित होने के कारण राहत कार्य में मुश्किलें आ रही हैं।
भारतीय नागरिकों के लिए हेल्पलाइन
नेपाल में मौजूद भारतीय नागरिकों और उनके परिजनों की सहायता के लिए भारतीय दूतावास ने आपातकालीन संपर्क नंबर जारी किए हैं:
+977 985 131 6807
+977 970 910 7500
नेपाल पर्यटन बोर्ड की ओर से भी आपातकालीन सहायता के लिए 1144 और टूरिस्ट पुलिस के नंबर 9851289445 की जानकारी दी गई है।
मृतकों की संख्या को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं
बाढ़ के बाद शुरुआती रिपोर्टों में अलग-अलग संख्या सामने आई है। ताजा उपलब्ध रिपोर्टों में कम से कम 8–9 लोगों की मौत की जानकारी है, जबकि कई लोग अब भी लापता हैं। राहत और बचाव अभियान जारी रहने के साथ मृतकों और लापता लोगों की संख्या में बदलाव संभव है।
नोट: 384 यात्रियों के लापता होने का आंकड़ा नेपाल पर्यटन बोर्ड की प्रारंभिक सूची पर आधारित है और इसका सत्यापन अभी जारी है। इसलिए इसे अंतिम आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए।



