19 Sep 2026, 05:45 PM

झारखंड में छात्रों का ‘महासंग्राम’: सरकार से बातचीत बेनतीजा, कल विधानसभा घेराव का ऐलान
रांची: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। सरकार और छात्र संगठनों के बीच तीन दौर की लंबी बातचीत के बावजूद कई अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी है। बातचीत करीब पांच घंटे तक चली, लेकिन छात्रों की प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं होने के बाद आंदोलनकारी संगठनों ने अब बड़े प्रदर्शन का ऐलान कर दिया है।
छात्र संगठनों के मुताबिक, सोमवार सुबह 10 बजे पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा तक हजारों छात्र मार्च करेंगे। इसके बाद विधानसभा घेराव का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। प्रदर्शन को देखते हुए रांची प्रशासन ने नई विधानसभा परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
सरकार ने कई मांगों पर दी सहमति
सरकार और छात्रों के बीच हुई बातचीत में कई महत्वपूर्ण मांगों पर सहमति बनने की बात सामने आई है। इनमें प्रमुख रूप से—
- 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा (Regular और Backlog) रद्द करने का फैसला।
- ACF परीक्षा रद्द करने पर सहमति।
- FRO परीक्षा की जांच होगी और गड़बड़ी मिलने पर परीक्षा रद्द की जाएगी।
- TDPL एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षाओं की जांच होगी। अनियमितता मिलने पर परीक्षा रद्द की जा सकती है।
- JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की दोबारा जांच की जाएगी।
- JSSC में परीक्षा सुधारों को लागू करने पर सरकार तैयार है।
- वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आने पर ED जांच कराने की बात भी सरकार की ओर से कही गई है।
फिर क्यों नहीं खत्म हुआ छात्रों का आंदोलन?
सरकार का दावा है कि उसने छात्रों की करीब 98 प्रतिशत मांगें मान ली हैं, लेकिन आंदोलनकारी छात्र इससे संतुष्ट नहीं हैं।
छात्रों की सबसे बड़ी मांगों में JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करना शामिल है। सरकार का कहना है कि CGL परीक्षा को अदालत के निर्देशों के तहत आयोजित किया गया था और इसके जरिए चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति भी हो चुकी है। इसलिए इसे सीधे रद्द करना सरकार के लिए आसान नहीं है।
सरकार की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि जरूरत पड़ने पर CGL में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जा सकती है। लेकिन छात्र इस विकल्प से संतुष्ट नहीं हैं।
छात्रों की तीन बड़ी मांगें
बातचीत के बाद छात्र संगठनों ने साफ किया है कि आंदोलन तब तक समाप्त नहीं किया जाएगा, जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट फैसला नहीं होता।
छात्रों की प्रमुख मांगें हैं—
1. TDPL से जुड़ी परीक्षाएं रद्द हों
छात्रों का कहना है कि TDPL एजेंसी द्वारा कराई गई परीक्षाओं को केवल जांच तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। कथित अनियमितताओं को देखते हुए संबंधित परीक्षाओं को रद्द किया जाना चाहिए।
2. JSSC-CGL परीक्षा रद्द की जाए
छात्र CGL की केवल जांच नहीं, बल्कि पूरी परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
3. CBI जांच हो
छात्रों की मांग है कि पूरे मामले की जांच CBI से कराई जाए। सरकार फिलहाल CBI जांच की मांग पर सहमत नहीं हुई है और राज्य स्तर पर जांच तथा आवश्यकता पड़ने पर ED जांच की बात कर रही है।
सोमवार को हजारों छात्रों के सड़क पर उतरने की तैयारी
बातचीत विफल रहने के बाद छात्र संगठनों ने आंदोलन को और बड़ा करने का फैसला किया है। सोमवार सुबह 10 बजे पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा तक मार्च निकाला जाएगा।
छात्र नेताओं ने इसे ‘महासंग्राम’ का नाम दिया है। उनका कहना है कि जब तक परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
विधानसभा के आसपास लागू हुई निषेधाज्ञा
प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। नई विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में BNS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है। झारखंड हाईकोर्ट को इस दायरे से बाहर रखा गया है।
प्रशासन की ओर से प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की तैयारी की जा रही है।
आंदोलन के बीच JPSC के तीन सदस्यों का इस्तीफा
इस पूरे विवाद के बीच JPSC के तीन सदस्यों के इस्तीफे की खबर भी सामने आई है। वहीं 14वीं JPSC PT को रद्द करने का फैसला आंदोलन के लिहाज से सरकार की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। हालांकि, इसके बावजूद छात्र आंदोलन समाप्त करने के लिए तैयार नहीं हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बोले- बातचीत से निकलेगा समाधान
इस बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी छात्रों के आंदोलन को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को गुमराह करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए और किसी भी समस्या का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जा सकता है। सरकार की ओर से परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने की बात कही गई है।
अब आगे क्या?
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सोमवार के विधानसभा मार्च से पहले सरकार और छात्र संगठनों के बीच एक और दौर की बातचीत होगी?
सरकार कई मांगों पर सहमति का दावा कर रही है, जबकि छात्र CGL रद्द करने, TDPL से जुड़ी परीक्षाओं पर कठोर कार्रवाई और CBI जांच जैसी मांगों पर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
ऐसे में सोमवार का विधानसभा मार्च झारखंड के परीक्षा विवाद में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। अब निगाहें सरकार के अगले कदम और छात्रों के प्रस्तावित प्रदर्शन पर टिकी हैं।



