21 Sep 2026, 06:41 PM

रोहिणी जेल में विचाराधीन कैदी की हत्या, धारदार हथियार से किया हमला; दो कैदियों पर आरोप
वार्ड-3 में दोपहर करीब 12 बजे हुई वारदात, बैरक लौटते वक्त कैदी पर हमला; अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
नई दिल्ली: दिल्ली की रोहिणी जेल में एक विचाराधीन कैदी की हत्या का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि जेल के अंदर कैदी का कुछ अन्य बंदियों से विवाद हुआ था। इसके बाद दो कैदियों ने कथित तौर पर धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल कैदी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बैरक लौटते समय कैदी पर हुआ हमला
जानकारी के मुताबिक, घटना रोहिणी सेंट्रल जेल नंबर-10 के वार्ड नंबर-3 में दोपहर करीब 12 बजे हुई। मृतक की पहचान 31 वर्षीय प्रमोद उर्फ मोहिंदर, पुत्र तुलसीराम, के रूप में हुई है। प्रमोद आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में न्यायिक हिरासत में था और उसे बैरक नंबर 203 में रखा गया था।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, प्रमोद अपनी बैरक की तरफ लौट रहा था। इसी दौरान दो साथी कैदियों ने कथित तौर पर उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में उसकी गर्दन पर गंभीर चोट आई।
तंबाकू बेचने को लेकर हुआ था विवाद
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि प्रमोद का जेल के अंदर कुछ कैदियों से विवाद हुआ था। सूत्रों के मुताबिक, प्रमोद जेल में कथित तौर पर तंबाकू बेचता था और इसी को लेकर उसकी कहासुनी हुई थी।
इस मामले में भोला और मुकेश नाम के दो कैदियों पर प्रमोद की हत्या का आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि, पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना के पीछे की पूरी वजह का पता लगाया जा रहा है।
अस्पताल पहुंचने से पहले बिगड़ी हालत
घटना के बाद जेल प्रशासन ने घायल कैदी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। बीएसए अस्पताल से थाना समयपुर बादली पुलिस को घटना की सूचना दी गई। पुलिस के अनुसार, कैदी के शरीर पर चाकू से हमला किए जाने के निशान थे। अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और थाना समयपुर बादली के एसएचओ मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने रोहिणी सेंट्रल जेल नंबर-10 का निरीक्षण किया और अस्पताल से मृतक की मेडिकल रिपोर्ट (MLC) भी हासिल की।
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। वारदात वाली जगह और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि हमले से पहले हुए विवाद और हत्या की पूरी घटना का पता लगाया जा सके।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह मामला किसी बड़े गैंगवार से जुड़ा हुआ नहीं बताया जा रहा है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
दिल्ली की जेलों में पहले भी हो चुकी हैं ऐसी वारदातें
दिल्ली की जेलों में कैदियों के बीच हिंसा और हत्या की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। तिहाड़ जेल में गैंगस्टर अंकित गुर्जर की 4 अगस्त 2021 को हत्या हुई थी। इसके बाद 2 मई 2023 को गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की भी जेल के अंदर हत्या कर दी गई थी। टिल्लू ताजपुरिया की हत्या के मामले में सामने आए CCTV फुटेज ने उस समय काफी चर्चा बटोरी थी।
हालांकि, रोहिणी जेल में हुई मौजूदा घटना को लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है और यह स्पष्ट होना बाकी है कि हत्या के पीछे सिर्फ आपसी विवाद था या इसके पीछे कोई अन्य वजह भी थी।



