19 Sep 2026, 03:36 PM

दिल्ली में अवैध 5वीं मंजिल पर बड़ा एक्शन, सत्य निकेतन हादसे के बाद सरकार सख्त
नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पीजी बिल्डिंग गिरने की दर्दनाक घटना के बाद दिल्ली सरकार और नगर निगम ने अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश के बाद ऐसी इमारतों पर कार्रवाई तेज होगी, जिनमें नियमों का उल्लंघन कर चार मंजिल से ऊपर अवैध निर्माण किया गया है।
सत्य निकेतन हादसे के बाद लिया गया बड़ा फैसला
सत्य निकेतन में दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास स्थित एक पीजी/छात्र आवास की इमारत ढहने से सात लोगों की मौत हुई। हादसे के बाद प्रशासन पर भवन सुरक्षा और अवैध निर्माण को लेकर गंभीर सवाल उठे। इमारत में छात्र रह रहे थे और घटना के बाद कई लोगों को मलबे से बचाया गया।
अवैध पांचवीं मंजिल वाली इमारतें होंगी सील
MCD ने स्पष्ट किया है कि चार मंजिल से अधिक ऊंचाई वाले अवैध निर्माण को तत्काल सील किया जाएगा। कार्रवाई सिर्फ सत्य निकेतन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दिल्ली के अन्य इलाकों में भी ऐसे भवनों की पहचान की जाएगी। दोषी अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
5 MCD अधिकारियों पर कार्रवाई
हादसे के बाद दक्षिणी क्षेत्र से जुड़े MCD के पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया है। इनमें वरिष्ठ स्तर के अधिकारी और इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारी शामिल हैं। सरकार का कहना है कि निर्माण नियमों की अनदेखी करने वालों और जिम्मेदार अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
बिल्डिंग मालिक पर भी कार्रवाई
पुलिस ने हादसे के मामले में बिल्डिंग मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है। मामले में मजिस्ट्रियल जांच के भी आदेश दिए गए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इमारत गिरने के पीछे लापरवाही, अवैध निर्माण या अन्य तकनीकी कारणों में किसकी भूमिका थी।
दिल्ली के PG और छात्र आवासों का होगा सेफ्टी ऑडिट
सत्य निकेतन जैसे छात्र बहुल इलाकों में पीजी और सार्वजनिक उपयोग वाली इमारतों की सुरक्षा जांच कराने की योजना पर भी काम शुरू हो गया है। रिपोर्टों के अनुसार, सरकार एक नई बिल्डिंग सेफ्टी पॉलिसी और संरचनात्मक ऑडिट की दिशा में कदम उठा रही है।
घायलों को आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे में घायल लोगों के लिए पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। साथ ही आसपास की असुरक्षित इमारतों की जांच शुरू कर दी गई है और खतरनाक घोषित भवनों को हटाने की कार्रवाई भी की जा रही है।
क्या है सरकार का संदेश?
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार का रुख साफ है कि अवैध निर्माण और भवन सुरक्षा से समझौता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। आने वाले दिनों में दिल्ली के विभिन्न इलाकों में अवैध अतिरिक्त मंजिलों, जर्जर इमारतों और नियमों का उल्लंघन करने वाले पीजी भवनों पर बड़े स्तर पर कार्रवाई देखने को मिल सकती है।



