19 Sep 2026, 05:45 PM

वंदे मातरम् पर सियासी घमासान, BJP ने सोनिया गांधी पर लगाए आरोप; कांग्रेस ने दी सफाई
नई दिल्ली। देशभर में आज स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया गया। इसी बीच नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में कांग्रेस के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से ‘वंदे मातरम्’ के पूरे संस्करण को लेकर आपत्ति जताई गई। वहीं कांग्रेस ने BJP के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
BJP ने लगाया ‘वंदे मातरम्’ पर आपत्ति का आरोप
BJP के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष ने कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा करते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ‘वंदे मातरम्’ के पूरे संस्करण के गायन से असहज नजर आए।
BJP प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने भी कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर सामने आया घटनाक्रम कांग्रेस की सोच पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि क्या यही वह पार्टी है जो देश के स्वतंत्रता संग्राम की विरासत का दावा करती है?
कांग्रेस ने आरोपों को बताया गलत
कांग्रेस ने BJP के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सोनिया गांधी ने ‘वंदे मातरम्’ के पूरे संस्करण के गायन को रोकने की कोई कोशिश नहीं की थी। कांग्रेस के मुताबिक, सोनिया गांधी कार्यक्रम के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी की व्यवस्था करने की बात कर रही थीं।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने विवाद पर सफाई देते हुए कहा कि कांग्रेस के कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ की शुरुआती पंक्तियां गाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। उन्होंने 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार पटेल, मौलाना आजाद, जवाहरलाल नेहरू समेत कई प्रमुख नेताओं की मौजूदगी में इस संबंध में फैसला लिया गया था।
जयराम रमेश ने कहा कि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह के बाद कांग्रेस के सत्रों में ‘वंदे मातरम्’ के शुरुआती पदों को गाने की परंपरा अपनाई गई थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में राष्ट्रगीत का पूरा संस्करण गाया गया और इसे लेकर किसी तरह का विवाद नहीं था।
स्वतंत्रता दिवस पर फिर आमने-सामने BJP-कांग्रेस
‘वंदे मातरम्’ को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी में बदल गया है। BJP जहां कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के प्रति कथित आपत्ति को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं कांग्रेस इसे गलत व्याख्या बताते हुए BJP के आरोपों को खारिज कर रही है।
स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व के मौके पर सामने आए इस विवाद ने एक बार फिर BJP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव को बढ़ा दिया है।



